“एहसास” पुस्तक सामाजिक व्यक्ति के स्वभाव व्यवहार और सोच में लगी सूक्ष्म आंतरिक जंग को दर्शाते हुए पाठकों को ठहराव के साथ आत्म-निरीक्षण करने के उद्देश से प्रस्तुत की गई है। पुस्तक में उक्त सभी कहानियाँ लेखक के इर्द-गिर्द घटित हुई हैं जिसे लेखक ने सहजतापूर्वक पाठकों के समक्ष कहानियों के रूप में रखने का प्रयास किया है। इस पुस्तक के सभी नाम काल्पनिक हैं लेकिन सभी कहानियाँ वास्तविक हैं। ये कहानियाँ कई लोगों के इर्द-गिर्द भी घटित होती हैं लेकिन शायद उनका ध्यान इन बातों पर जाते हुए भी नहीं जाता है। इस पुस्तक के द्वारा लेखक का मात्र यही प्रयास है कि एक व्यक्ति सजग रहकर अपने आस-पास घटित हो रही गतिविधियों से बहुत कुछ सीखकर स्वयं को और भी सुंदर (हृदय से) बना सकता है। स्वयं के उत्थान हेतु स्वयं को टटोलना बहुत आवश्यक है। उम्मीद है इस पुस्तक की कहानियों को पढ़कर पाठक न सिर्फ़ अपना बल्कि आने वाली पीढ़ी का जीवन भी संतोषजनक और सुंदर बना पाने में सक्षम हो पाएंगे। अगर यह पुस्तक पसंद आए तो ईमेल के द्वारा अवश्य बतायें /