प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी सिनेमा की उन बीस कालजयी फिल्मों का विश्लेषण किया गया है जो हिंदी सिनेमा की पहचान बनी हैं। इन फिल्मों में राजकपूर बिमल राय यश चैपड़ा ऋषिकेश मुखर्जी जैसे फिल्मकारों की रचनाएं शामिल हैं। इन फिल्मों ने बाॅक्स आॅफिस पर सबसे अधिक कमाई कर इतिहास रचा है। इनकी सफलता के कारण हिंदी फिल्म जगत पर भी इनका बहुत प्रभाव पड़ा। इन फिल्मों से प्रेरणा हासिल कर अनेक फिल्मकारों ने ऐसी ही फिल्मों का निर्माण किया है। इस विश्लेषण के अंतर्गत न केवल फिल्म की कहानी का वर्णन किया गया है बल्कि फिल्म के शाॅट्स द्वारा दिए गए अशाब्दिक संदेशों पर भी प्रकाश डाला गया है। इस विश्लेषणात्मक अध्ययन की प्रेरणा मुझे एम.फिल. एवं पी.एचडी. शोध मार्गदर्शिका डाॅ. मधुदीप सिंह से मिली। इस अध्ययन का एक कारण यह भी था कि बचपन से ही मुझे फिल्म देखने में रूचि थी। राजकपूर की आग देवानंद की काला पानी अमिताभ बच्चन की डाॅन शहंशाह दिलीप कुमार की विधाता छोटी उम्र में देखी गई वो फिल्में हैं जो मेरे अवचेतन मन में बस गई। इन फिल्मों के संवाद आज भी मेरे जहन में गूंजते रहते हैं। कभी भी कहीं भी बैठे-बैठे चलते-फिरते इन फिल्मों के दृश्य याद आ जाते हैं। सिनेमा के प्रति इस प्रेम ने यह विश्लेषण करने के लिए बाध्य किया है जो आपके सम्मुख प्रस्तुत है।