<p style=text-align: center; ><b>दो अवतारों की महान लीलाएँ</b></p><p><br></p><p>भारत के दो महान अवतार - श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं को इस पुस्तक में पिरोया गया है। इन अवतारों की कहानियाँ तो हम सभी ने सुनी पढ़ी अथवा देखी होंगी परंतु इन कहानियों का असली अर्थ भी जानना आवश्यक है जो अवतार के विस्तार में बताया गया है।</p><p>इन अवतारों द्वारा खेली गई लीला हमारे भीतर गुणों को विकसित करती है हमें भक्ति और जीने की कला सिखाती है।</p><p>जब हमें जीवन में राम और कृष्ण यानी ''सत्य अनुभव'' का महत्त्व पता चलता है और उसकी कमी महसूस होती है तब हमसे उसकी वापसी के लिए सच्चा प्रयास शुरू होता है। फिर हम योग्य मार्गदर्शन से अपने भीतर सत्य की ताकत बढ़ाते हैं। विकार (रावण) और अहंकार (कंस) से युद्ध कर उसे परास्त कर देते हैं। जैसे ही सत्य अनुभव जीवन में वापस आता है तो हमारी देह में दिवाली और जन्माष्टमी मनाई जाती है यानी उल्लास उत्साह प्रेम-आनंद-मौन का महाउत्सव होता है। क्या आपकी कामना भी यही तो नहीं है?</p>