मैं समर्थ 10 साल का लड़का हूँ। जीवन में मैंने सीखा है कि सकारात्मक सोच से असंभव भी संभव हो जाता है। छोटी उम्र में भाई की बीमारी पढ़ाई की चुनौतियाँ और पापा की गंभीर बीमारी के बीच भी हमने हार नहीं मानी। पॉजिटिविटी और विश्वास ने हमें हर मुश्किल से जीत दिलाई।