धर्म कोई संकीर्ण विचार या बाहरी दिखावा नहीं बल्कि जीवन का आधार है। यह सत्य न्याय और आचरण का वह दीपक है जो हर परिस्थिति में मार्ग दिखाता है। धर्म संतुलन शक्ति और स्थिरता देता है अन्याय के विरुद्ध खड़ा करता है और आत्मा को भीतर से शुद्ध बनाता है। धर्म वही है जो हर तूफान में सहारा बने।