आज नानी नहीं हैं तो सब कुछ अधूरा लगता है। उनकी ममता और प्यार भरे सहारे की याद आती है। माँ की डाँट में नानी की दुलार भुलाना मुश्किल है। छुट्टियों में नानी के घर जाने की खुशी अब सूनी हो गई है। नानी अब तारे बनकर हमें देखती हैं। उनकी कमी हर पल महसूस होती है और उनकी यादों से आंखें भर आती हैं।