बेंगलुरु के युवा उद्यमी आर्यन वर्मा जो AI साथी बनाते हैं अपने दादाजी की एक पुरानी डायरी पढ़ते हैं और जीवन की नई दिशा पाते हैं। तकनीक ध्यान और सनातन ज्ञान को जोड़ते हुए वे “डिजिटल तपस्या” शुरू करते हैं जिससे उनकी कंपनी समाज कल्याण आधारित तकनीक की राह पर चल पड़ती है।