वेदिका एक मासूम संघर्षशील और टैलेंटेड लड़की थी। परिवार की ज़िम्मेदारियों के बीच उसने अपने सपनों को थामे रखा। शादी के बाद भी उसने हिम्मत से घर-संसार सँभाला बच्चों की परवरिश की और अपने सपनों को उनके सपनों में बदल दिया। सादगी और प्यार से भरी उसकी कहानी प्रेरणा देती है कि कठिनाइयों में भी मुस्कुराकर आगे बढ़ा जा सकता है।