एक राजकुमारी ने भगवान जगन्नाथ जी को प्रेम पत्र लिखा जो रहस्यमय ढंग से मंदिर तक पहुँच गया। उड़ीसा के पुजारी ने रात-रातभर पूजा की और राजा की शंका बढ़ गई। एक रात भगवान ने पुजारी को दर्शन देकर भय मिटाया। सुबह पुजारी ने देखा कि भगवान के बाल और धोती लटक रहे हैं। राजा भी यह देखकर चकित हुए और अपनी गलती समझी। यह कथा प्रेम भक्ति और ईश्वर की दिव्यता दर्शाती है।