'सुभद्रा कुमारी चौहान की 21 श्रेष्ठ कहानियाँ' हिंदी कथा साहित्य में एक ऐसी आवाज को स्थापित करती है जो राष्ट्रीय चेतना पारिवारिक जीवन की सादगी और स्त्री मन के संघर्षों को अत्यंत सच्चाई और मार्मिकता से व्यक्त करती है। 'झाँसी की रानी' जैसी ओजपूर्ण कविताओं के लिए विख्यात सुभद्रा कुमारी चौहान का कथा साहित्य उनके व्यक्तित्व के एक अलग शांत किंतु गहरा प्रभाव छोड़ने वाले पहलू को उजागर करता है।<br>यह संकलन उनकी कहानियों के उत्कृष्ट चयन को प्रस्तुत करता है। जहाँ वे बाल मनोविज्ञान मध्यवर्गीय जीवन की विडंबनाओं और स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि में नारी के त्याग को प्रमुखता देती हैं। उनकी कहानियों में कृत्रिमता नहीं बल्कि सीधी-सरल भाषा में जीवन के यथार्थ की झलक मिलती है। 'राही' 'बिखरे मोती' और 'अमराई' जैसी कहानियाँ नारी के भावनात्मक द्वंद्व सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध उसके मौन प्रतिरोध और सहज मानवीय करुणा को दर्शाती हैं।<br>सुभद्रा जी की कहानियाँ न केवल तत्कालीन समाज का दर्पण हैं बल्कि वे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और आमजन की देशभक्ति को भी सहजता से बुनती हैं। यह पुस्तक उन सभी पाठकों के लिए आवश्यक है जो एक ऐसी लेखिका की कहानियों को पढ़ना चाहते हैं जिसकी कलम में राष्ट्रीय गौरव के साथ-साथ मानव स्वभाव की संवेदनशीलता भी समान रूप से विद्यमान थी।