: भारत में महिलाओं की सेहत आम तौर पर चुप्पी का विषय हैं। खासतौर पर रजस्वला होने से लेकर आगे के जीवन तक। इस विषय पर हमारे उत्तर भारतीय समाज में महिलाओं को खुले रूप में ज़्यादा कुछ जानकारी उपलब्ध नहीं है। महिलाएँ घर परिवार की धुरी होने कारण पूरा परिवार घर के कामों के लिये उन पर निर्भर रहता है। यदि उन्हीं की सेहत ठीक ना हो तो पूरे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस विषय पर जानकारी केवल महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी मिलनी चाहिए ताकी परिवार में सभी एक दूसरे की ज़रूरतों को समझते हुए प्रेम एवं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। इस पुस्तक में लेखिका कमल कौर के द्वारा है प्रयास किया गया है कि महिलाओं को उनके अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग किया जाए।