विजयवाणी मेरे अंतर्मन का चिंतन जीवन के विभिन्न आयामों का सजीव चित्रण है यह सभी तरह के भावनाओं को संक्षिप्त में प्रतिबिंबित करता है। इसमें साकारात्मकता का भाव सर्वोपरि रखा गया है। कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति का मनोबल बढ़ा रहे यही संदेश है। समग्र रूप में कवि ने अपने नित नए अनुभव को कलम से इस कविता संग्रह में उकेरा है विजयवाणी सिर्फ कवि के भाव नहीं हैं। बल्कि गहरे अर्थों में राष्ट्र समाज और आम जनमानस की अभिव्यक्ति है विजयवाणीआपके हाथों में है इसके संकलन में अनुज कृष्णा कुमार पासवान का उल्लेखनीय सहयोग रहा। उनको बहुत बहुत धन्यवाद आशा है इसे आप पसंद करेगें