वर्तमान समय में मूल्यपरक शिक्षा की ओर ध्यान आकृष्ट करने की आवश्यकता है। वर्तमान शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में डेमाक्रिटसआर्किमिडीजन्यूटन शेक्सपियर प्लेटो तो पढ़ाये जाते हैं परन्तु महर्षि वेदव्यास महर्षि अगस्त्य ऋषि वाल्मीकि बौधायन कणाद् पतंजलि चाणक्य ब्रह्मगुप्त आर्यभट्ट वराहमिहिर भास्कराचार्य जैसे भारतीय महनीय व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी न्यूनतम दी जाती है। हमारे मनीषियों ने भारतीय ज्ञान की अलख जगाये रखी। लगभग दो सौ वर्षों की ब्रिटिश दासता के बाद हमने बहुत कुछ खोया है हमने विद्यार्थी को कुछ अधिक ही सुविधाएं प्रदान कर दीं हैं