इस पुस्तक को उन अभ्यासियों के लिए प्रकाशित किया गया जिन्हें दिव्य जीवन के मार्ग का अनुसरण करते हुए अपने बारे में एक सम्यक समझ पाना है; और उसी दिव्य मार्ग का पथिक बनकर देवत्व के अधिष्ठान विषयक सत्य का उदघाटन भी करना है। उन्हें भी उसी मार्ग पर चलते हुए एक उत्तम स्थिति को पाना होगा जहां जाकर जीव के बीच आपसी भेद विषयक बुद्धि भी समाप्त हो जायेगी; वहाँ मायालोक से मुक्ति का आनंद भी मिलेगा।