शामली सेन 'नवाबों की भूमि' लखनऊ की प्रसिद्ध कथक और भरतनाट्यम नृत्यांगना आपकी जन्मभूमि लखनऊ एवं कर्मभूमि प्रयागराज है | आपने 2.5 वर्ष की अल्पआयु से शास्त्रीय नृत्य सीखना शुरू किया | प्रयाग संगीत समिति एवं भातखंडे संगीत महाविश्वविद्यालय से आपने कथक और भरतनाट्यम में विशारद और निपुणता पूरी की | डॉ. कुमकुम धर (अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना) के कुशल मार्गदर्शन में कथक नृत्य सीखा एवं डॉ. चंद्रश्री शाह (प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना) के कुशल मार्गदर्शन मे भरतनाट्यम नृत्य सीखा | आपके पास 36 वर्ष से अधिक का नृत्य का अनुभव और 22 वर्ष से अधिक प्रशिक्षण का अनुभव है | विभिन्न संस्थानों में जिनमें लखनऊ के बाल विद्या मंदिर एवं बाल संग्रहालय अखिल भारतीय रेडियो भारतेंदु नाट्य अकादमी संगीत नाट्य अकादमी कथक केंद्र मुक्तांगन कला अकादेमी और अन्य मे प्रशिक्षण देने का अनुभव प्राप्त है | आपकी कथक और भरतनाट्यम नर्तक के रूप में राष्ट्रीय मंच पर उपस्थिति ने आपके कौशल को साबित किया है | आपने कथक महागुरु स्वर्गीय पं. बिरजू महाराज की विभिन्न कार्यशालाओं में सहायिका के रूप मे भाग लिया | आपको भरतनाट्यम श्रृंगारमणि वसंती सुब्रमण्यन के साथ भी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला | आपकी उपलब्धियों मे मानद उपाधि बाल नर्तक पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर सर्वश्रेष्ठ नृत्यांगना महिलारत्न संस्कृतिसम्मान जैसे पुरस्कारों से लेकर कई अन्य अलंकृत है | आपने कई प्रसिद्ध संस्थान और संगठन जैसे कि कथक केंद्र बीएनए एसएनए दर्पण दूरदर्शन एलबीएसएनएए-मसूरी जयपुर कथक केंद्र त्रिवेणी महोत्सव महाकुंभ एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्था के मंचो पर अपनी छटा बिखेरी है |