मेरी अभिव्यक्ति......कागज से किताब तक


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मेरी अभिव्यक्ति...कागज़ से किताब तक मेरी यह पुस्तक मेरी अभिव्यक्ति...कागज़ से किताब तक जीवन के विविध आयाम जीवन के विभिन्न संवेदनाओं को दर्शाती है ।मेरी इस सृजन में जीवन के 51 रंग हैं 51 भाव हैं । इस जीवन में अनेक अनेक चीजों के संपर्क में आते हैं उनका उपयोग करते हैं संबंध स्थापित करते हैं । हमारी यह सहभागिता और संपर्क जीवन के अनुभव को प्रगाढ़ करती है । ऐसे सारे अनुभवों संवेदनाओं को समेकित करते मैने समय समय पर कागज़ पर लफ्जों का रूप देता रहा । इनको सृजित करने के बाद जब पढ़ता तो स्वयं को एक खुशी होती कि जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण को परिलक्षित कर सका । कहने का तात्पर्य है कि एक संवेदनशील कवि होने के नाते बहुत सारे शीर्षक मन मस्तिष्क में होते हैं । इन मन भावों को मन के धरातल पर लिखता रहा । ऐसा करते करते 51 भाव संगृहीत हो गए । ऐसे 51 कागजों पर लिखी कविता को इस किताब के रूप में संगृहीत करके मैंने इस पुस्तक की रचना की : मेरी अभिव्यक्ति... कागज़ से किताब तक ।केवल एक कवि होने के नाते ही नहीं एक संवेदनशील इंसान होने के नाते मैंने जिंदगी को बहुत ही करीब से देखा है । जिंदगी से जुड़ी हर एक व्यक्ति वस्तु स्थान को अपने मन मस्तिष्क में विश्लेषित किया है । यह जीवन को परिमार्जित और परिष्कृत करती है । मेरी जो संवेदनशीलता है वह मेरी इन रचनाओं में उजागर होती है । मेरी अभिव्यक्ति संगृहीत होकर मेरी अभिव्यक्ति..... कागज़ से किताब तक का सृजन होता है ।लेखक परिचयसत्यदेव पाठक कवि पाठकसत्यदेव पाठक (उम्र 43 वर्ष) जिनको “कवि पाठक “ के उपनाम से जाना जाता है मूलतः उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के रहने वाले हैं और वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं । पेशे से एक इंजीनियर हैं और भारतीय रेलवे में राजपत्रित अधिकारी के रूप में पदासीन हैं। आप एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और एम बी ए भी किए हुए हैं । आपने अपने लेखन कैरियर की शुरुआत विभागीय पत्रिकाओं में शुरू की । अपने विभाग के लिए अनेक गीत जैसे कि रेल गीत रेल संरक्षा गीत आदि लिखे ।आपकी एक कविता था वो बचपन दिल्ली पोएट्री स्लैम द्वारा आयोजित विंगवर्ड पोएट्री प्रतियोगिता में भी पुरस्कृत हो चुकी है । इस पुस्तक के पूर्व उनकी कई पुस्तक आ गये मेरे राम मैं हूं पाठक जज़्बात पढ़ेगी तो जरूर मेरी बेटी जैसी किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं । श्री पाठक किसी भी विषय पर क्षणिक रूप से काव्य रचना करने की क्षमता रखते हैं । अनेक साझा काव्य संकलन जैसे रघुनंदन काव्य कौमुदी ऐसा देश है मेरा कुछ दिल ने कहा शब्द सैनिक आदि साझा काव्य संकलन प्रकाशित हो चुकी हैं । आपने जीवन कि विविध पहलुओं जीवन के मनोभावों उत्साहवर्धक काव्य रचनाओं में प्रवीणता प्राप्त की है । उनकी कुछ पुस्तकें जैसे कि एहसास भजमन राम और कुछ सांझा काव्य संकलन शीघ्र प्रेषित होने वाले हैं ।
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