डॉ. प्रदीप कुमार निवोरिया (सहप्राध्यापक-एकलव्य विश्वविद्यालयदमोह म.प्र.) कला क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं आपने कला क्षेत्र में कार्य करते हुए कई नेशनलइंटरनेशनल चित्रकला/मूर्तिकला कैम्पों में सहभागिता दी है। आपके द्वारा बनाये गए चित्र एवं मूर्तिशिल्प भोपाल जबलपुर गोरखपुर उज्जैन कानपुरग्वालियरदिल्ली एवं आपकी जन्म भूमि तालबेहट नगर के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित हैं। कला क्षेत्र में कार्य करते हुए आपको ‘बुन्देलखण्ड गौरव’ दिल्ली एवं अन्य जगहों से सम्मानित किया गया है। आप अपने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को कला क्षेत्र की हर विधा से अवगत करा रहे हैं और उन्हें अपने कार्य क्षेत्र में प्रयोगवादी रहने की सलाह देते हैं चाहे शोध कार्य हो या सृजन कार्य। इस समय आपके द्वारा चित्रकला मूर्तिकला स्थापत्यकला छपाकला आदि का ज्ञान दिया जा रहा है जिससे विद्यार्थि अवश्य लाभान्वित होंगे तथा कला क्षेत्र में अपना स्थान बनाने में सफल होंगे। आपका निरंतर प्रयास रहेगा कि आप अपने सृजन कार्य शोध कार्य तथा लेकन कार्य द्वारा कला एवं संस्कृति के उत्थान हेतु कार्य करते हुये देश का नाम विश्व पटल पर लाने में सहायक सिद्ध हो सकें। “जय भारत”