इन कविताओं में श्रीमती इंदिरा शर्मा ने बच्चों के साथ अपने अनुभवों को प्रस्तुत किया है। उन्होंने अध्यापिका के रूप में दशकों तक अपने छात्रों को प्रेरित किया है और खुद भी उनके प्रयासों और सफलता से आनंद प्राप्त किया है। यह किताब इन्ही अनुभवों का निचोड़ है।इनमें कुछ कविताएँ हास्यरस में डूबी हैं और कुछ हमें महत्वपूर्ण सीख देती हैं। कुछ प्रेरणा से भरपूर हैं तो कुछ बच्चों के अपने मन की बात हैं। त्योहारों की महत्ता और देशप्रेम से लेकर प्रकृति और पर्यावरण तक — कई विषयों को छूती यह कविताएँ बच्चों का मन मोह लेती हैं।यह नई एवं रोचक कविताएँ आप चाहे स्कूल की प्रतियोगिता में सुनाएँ दोस्तों के साथ बाँटकर उनका मनोरंजन करें या परिवार और रिश्तेदारों को सुनाकर उन्हें आनंदित करें — हर संदर्भ में उपयुक्त हैं।खुश रहें सीखते रहें और सदा आगे बढ़ते रहें।