<p>माँ के बिना तुम नहीं इसलिए कुछ भी है वो माँ के नाम. नीचे लिखी हुई पंक्तियाँ कलम से उकेरी पहली पंक्तियाँ है|<br /><br />सुकून तेरी आँखों में देखा था मैंने <br />जब मैं गोद में सर रखकर सोया था <br />जब मैंने तेरा आँचल भिगोया था <br />बड़ी फ़ुरसत में बैठकर रोया था <br /><br />और आज के हालात पे बस इतना ही कहना चाहता हूँ ये पल मेरे अपनों ने महसूस किये हैं| दुआ है किसी माँ को ये दिन ना देखना पड़े <br /><br />खाली रातें काली रातें मुझसे ये कहती है बातें <br />उलझी रात की है ये कहानी दे के गयी वो मुझे निशानी <br />एक तूफ़ान उठा था उस दिन सुने हो गए सपने तुम बिन <br />माँ को अब कैसे बतलाऊँ बेटा मर गया बिना विदाई</p>