About the Book: ये पुस्तक दो भागों में है। यशोधरा की वेदनाएं और कुछ अधूरा सा। यशोधरा की वेदनाएं बुद्ध की पत्नी यशोधरा की पीड़ाओं को अपनी दृष्टि से देखने का प्रयास है। दूसरे भाग कुछ अधूरा सा में कई कविताएं हैं। About the Author: अपने बारे में बहुत कुछ कहने को है नहीं। बचपन से पढ़ने की आदत पड़ गई थी। कभी कभी तुकबंदियां कर लेता था। कोविड के समय में अपने इस शौक को पूरी तरह से वापस ज़िंदा कर लिया।ये किताब बस एक छोटा सा प्रयास है।