संकलन विमर्शन युवा मन की काव्यात्मक सोच को समाहित करता है। 2021 और 2024 के बीच रचित यह संग्रह कविता में कवि की गहरी रुचि को प्रदर्शित करती है। यह चार खण्डों में विभक्त की गई है प्रत्येक खंड मानव अनुभव के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है जिसमें युवा प्रेम की तीव्रता से लेकर आत्मनिरीक्षण और वैराग्य के माध्यम से प्राप्त गहन ज्ञान तक शामिल है:- (i) मंथन (चिंतन) (ii) संकल्प (प्रतिज्ञा) (iii) सन्यास (त्याग) (iv) हलाहल (जहर) कविताएँ विभिन्न भावनाओं से गूंजती हैं चाहे वह प्रेमियों की लालसा हो देशभक्तों की वीरता हो आत्मनिरीक्षण हो तपस्वियों का या परम सत्य का रहस्योद्घाटन। गहन कल्पना और मार्मिक आख्यानों के साथ विमर्शन का लक्ष्य साहित्यिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ते हुए अपने पाठकों के मन एवं हृदय को मोहित करना है। विमर्शन एक प्रयास है जिसका उद्देश्य पाठकों के साथ जुड़ना है जो अनगिनत प्रतिबिंबों शोध जुनून और अनुभवों का मिश्रण पेश करता है। विमर्शन केवल कविताओं का संग्रह नहीं है बल्कि कवि के अंतरतम विचारों और अनुभवों की अभिव्यक्ति है जिसे विनम्रता व प्रेम के साथ सांझा किया गया है।