रिश्ते रसमलाई से' पुस्तक मे कटाक्ष / व्यंग्य के माध्यम से लोगों की गलतियों में सुधार के साथ-साथ सामाजिक जागृति की चेष्टा की गई है। दुनिया भर के पाठक इसे पढ़कर न केवल हँसेंगे लोटपोट होंगे; बल्कि कुछ अच्छा करने के लिए भविष्य मे किसी प्रकार की गलती करने से परहेज करेंगे और लोगों को मूर्ख बनाकर ठगने से भी बचेंगे। यह पुस्तक हर वर्ग के पाठकों को हँसायेगा और गुदगुदायेगा। वैसे भी हंसी-मज़ाक जब किया जाता है तो उसमें कुछ-न-कुछ संदेश छुपा होता है। इस पुस्तक मे भी कुछ अदृश्य संदेश है जिसे पहचानना सुधी पाठकों के लिए मुश्किल नहीं होगा।