वापसी: कल्पना से सत्य की ओर प्राप्ति एक युवा लड़की जिसने अपनी माँ को खो दिया है उस दर्द को सहन नहीं कर पा रही है। इस अधूरेपन में डूबी वह एक अकल्पनीय कदम उठाती है—अपनी माँ को वापस लाने के लिए वो एक समय यात्रा करने वाली मशीन बनाती है। इस प्रयास में एक अनजान व्यक्ति अज्ञात उसका सहारा बनता है। लेकिन यह रहस्यमयी व्यक्ति कौन है? क्या वह असल में मौजूद है और क्या वो अपनी इस अकल्पनीय यात्रा में सफल हो पाई? समय की इस अनोखी यात्रा में प्राप्ति कई बार अपनी माँ से मिलती है और हर बार उसे फिर खो देती है। यह अनुभव उसे असमंजस में डालता है—क्या ये मुलाकातें असली हैं या उसके शोकग्रस्त दिमाग का खेल? इस बीच उसकी सबसे करीबी दोस्त स्वाति उसे इस भटकाव से बाहर लाने की कोशिश करती है लेकिन अपनी माँ को पाने की लगन में प्राप्ति उसे भी अपने जीवन से दूर कर देती है। वापसी: कल्पना से सत्य की ओर एक भावनात्मक और रहस्यमयी यात्रा है जहाँ प्राप्ति खुद को भ्रम सच्चाई और उन रिश्तों के बीच पाती है जिन्हें उसने खो दिया है। यह कहानी प्रेम दर्द और सत्य की खोज का गहन चित्रण है।