यह पुस्तक मधुलिका पटेल द्वारा रचित हिंदी कविताओं का एक संकलन है जो जीवन की विविध भावनाओं अनुभवों और स्मृतियों का सजीव चित्रण करती हैं। इन कविताओं में मन की गहराइयों से उपजी संवेदनाएँ हैं — कभी सुखद कभी पीड़ादायक तो कभी आत्मचिंतन में डूबी हुई। कभी-कभी जीवन में ऐसा होता है कि हम तरक्की करते जाते हैं और सब कुछ पीछे छूटता जाता है। पर मेरे जीवन में परिवर्तन और उतार-चढ़ाव बहुत आए लेकिन मेरे पास कुछ मुट्ठी भर यादें थीं जो पूरे जीवन मेरी यात्रा में मेरे साथ चलती रहीं। धीरे-धीरे मैंने उन्हें स्याही से रंगना शुरू कर दिया — और वो मेरी स्याही के रंग की हो गईं। यह पुस्तक उन सभी के लिए है जिन्होंने जीवन में कुछ खोया है कुछ पाया है और हर मोड़ पर अपनी भावनाओं को समझने की कोशिश की है।