आदित्य एक युवा आई.एफ.एस अधिकारी है जो की गुकंहाटी में पोस्टेड है और अपने शौक के कारण असम के घने जंगलो में जानवरों की फिल्म बनाता है। इस दौरान एक दिन वो एक तूफानी रात में दैवीय शक्तियों की प्रेरणा से रास्ता भटक कर एक ऐसे खंडहर में पहुँचता है जहाँ औघड़नाथ नामक कापालिक ने विशेष नक्षत्रों में जन्मी संसार की अद्वितीय सुन्दर युवती अरुणिमा को बलि के लिए बंधक बनाया हुआ है जिसकी बलि देकर वो युगों-युगों तक अमर होना चाहता है। उसने उस युक्ती को अपनी तांत्रिक शक्तियों से अदृश्य करके एक अन्य आयाम में कैद कर रखा है जहाँ उसे कोई देख नहीं सकता है। कहानी का नायक आदित्य अनजाने में ही उस आयाम से उस युवती को मुक्त करा देता है और अदृश्य होने के बावजूद उसे उस युवती से प्रेम हो जाता है। अपने उस अदृश्य प्रेम को सशरीर देखने तथा बचाने के लिए वो अपनी बहन मोहिनी उसके साथियों और माँ कामख्या की महासाधिका कपिला की मदद से उस दुर्दात कापालिक द्वारा बिछाये हुए जाल तथा तमाम तरह की मुसीबतों और बाधाओ को पार कर अंत में उस कापालिक को मारने में सफल हो जाता है और अपने प्यार को छुड़ा लाता है। तंत्र-मंत्र रहस्य रोमांच दैवीय शक्तियों और पवित्र प्रेम से ओत-प्रोत ये कहानी शुरू से लेकर अन्त तक पाठको को एक अद्वितीय कल्पना लोक में जाती है जहाँ वे स्वयं को कहानी के नायक की जगह महसूस करने लगते है तथा उन्हें कहानी इतनी जीवंत लगती है जहाँ कहानी के सभी पात्रो की जिवंत रूप में कल्पना करने लगते है।