लोकेश सिंह साहिल जी की शायरी का संकलन बहुत अर्थों में महत्वपूर्ण है अव्वल तो ये कि इस किताब का बेक पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी ने स्वयं लिखा है. इस किताब में जो शायरी है वो न तो पूरी तरह उर्दू की कही जा सकती है न कि पूरी तरह हिंदी. दर असल यह हिन्दुस्तानी ज़बान की शायरी है. हिन्दुस्नी रंग से अब्रेज़ इस किताब को ज़रूर पढ़ें.