जिंदगी में कभी – कभी ऐसे भी प्रसंग आते है जिससे हम क्या करें हमे सूझता नहीं हम किसी अपने का सहारा लेना उचित मानते है....... अगर हर परिस्थिति में हम अगर अपनी सुने तो....... चाहे वो अच्छा हो या बुरा सुझाव और फैसला हमारा अपना ही है I इस कहानी में कुछ इसी तरहा एक बच्चे का वर्णन किया हैं I जो हम आप सभी के साथ हर दिन घटता है लेकिन हम कभी गौर नहीं करते I कहानी का रोहन जिंदगी में खुद को पहचानता हैं और खुद से बाते करता है सब लोग उसे पागल समझते है I लेकिन एक दिन वो ऐसा कर जाता है......