हमारे राम : सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा” (K.K. Publications) पुस्तक भगवान राम के व्यक्तित्व और उनके सांस्कृतिक नैतिक तथा राष्ट्रीय महत्व को उजागर करती है। इसमें राम को केवल धार्मिक प्रतीक नहीं बल्कि आदर्श नेतृत्व मर्यादा न्याय और राष्ट्रधर्म के प्रेरक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक भारतीय संस्कृति परंपरा और राष्ट्रवाद के संदर्भ में राम के योगदान को सरल भाषा में समझाती है। यह कृति पाठकों को भारतीय मूल्यों आदर्श जीवन शैली और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देती है साथ ही आधुनिक संदर्भ में राम के विचारों की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करती है।