यह किताब “उम्मीद क़ायम तो जीत निश्चित” वंदन राज की दूसरी किताब है यह मोटिवेशनल कहानियों की किताब है यह किताब लिखने का उनका उद्देश्य यह है की उन्होंने अपनी सोच और अपने विचारो को कहानियों का रूप दिया है जिसमें उन्होंने अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग लोगों के जीवन को दर्शाया है जिससे इन कहानियों को पढ़ कर आप सभी लोग अपने जीवन में प्रेरणा लेकर एवं आत्मविश्वास हासिल करके अपनी मंज़िल और मुक़ाम को ज़रूर पा सकते है। उनकी लिखी हुई इन कहानियों को पढ़ कर हर व्यक्ति ज़िंदगी में आगे बढ़े अपनी मंज़िल को नैतिकता और नीति के साथ पाते हुए समाज और दुनिया के लिए मददगार बने यही वंदन राज की ख़्वाहिश है। वंदन राज टाक लोगों के लिए एक आदर्श बनना चाहते है और अपनी कला जुनून और हौसले के साथ आगे बढ़कर अपनी मंज़िल और मुक़ाम को पाना चाहते है। वंदन राज टाक एक पुस्तक लिख चुके है जिसका नाम “यक़ीन से मुमकिन तक” है यह एक मोटिवेशनल कविताओं की किताब है जिसका विमोचन उदयपुर के (महाराज कुमार साहब डॉ लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़) ने किया था।