यह पुस्तक मेरे द्वारा समय-समय पर लिखी गई ग़ज़लों कविताओं मुक्तकों एवं स्वतंत्र शेरों का संग्रह है। इसकी नींव सन् २०१७ में मेरी ट्रेनिंग के लिए भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग संस्थान पुणे प्रवास के दौरान हुई; जब मेरे कुछ दोस्तों ने मेरे शेर सुनकर मुझे लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। उसके बाद लिखने का सिलसिला निरंतर चल रहा है। ऐसे ही कुछ वर्तमान मित्रों की सलाह पर इसे पुस्तक का रूप देकर आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं। आशा है पुस्तक आपको पसंद आएगी और मुझे आगे लेखन जारी रखने की प्ररेणा देगी।