आतिमा’ का अर्थ अनंत/ निरंतर कुछ ऐसा जिसे पूरा नहीं किया जा सकता (कुछ अधूरा सा)। मानव जीवन के अनंत घटनाक्रम में होने वाले मानवीय मनोभावों और अनुभव के सुंदर मोतियों को शब्दों के धागे में पिरोकर सुंदर मालाओं के रूप में लेखक की कई रचनाओं जो जीवन के विभिन्न सम/विषम परिस्थितियों में परिलक्षित भावावेग/मनोभावों को प्रकट करती है; का संग्रह है ‘आतिमा’।