नमस्कार मित्रों मेरी नयी रचना जो एक खण्डकाव्य जिसका नाम आत्मा चित्रांकनी है महीनो कि मेहनत और सोच विचार से इसका प्रतिपादन हुआ यह हिन्दी भाषा मे लिखी है इसमे चित्रगुप्त जी और मनुष्य कि आत्मा कि संवाद एव रूचि पूर्ण गीत भी है जो इस खण्डकाव्य को मधुर बनाती है और इसमे ज्यादातर जीवन मरण कि संवादित घटना का उल्लेख किया गया है यह मेरी एकमात्र लम्बी रचना शायद आगे भी कभी इससे बडी रचना लिखने का प्रयास सतत जारी रहे गा धन्यावाद