सिर्फ ऑलम्पिक खेलो में ऐसा जादू है जो किसी भीदेश को विकसित (आत्मनिर्भर) बना सकता है।मो. मुनाफ पठाण की यह उल्लेखनीय किताब खेल के माध्यम से बच्चो के दिमाग की सर्जनशक्ति और उत्पादकताको कैसे विकसित किया जाये उस पर आधारित है।बच्चे घर-परिवार और देश का भविष्य होते है। हमारे देश के सभी बच्चो को शिक्षा के साथ ऑलम्पिक खेलो के लियेप्रशिक्षित किया जाये तो यही बच्चे आगे चलकर सर्जनकर्ता और उत्पादक युवा योद्धा बन जायेंगे। और ऐसे युवा योद्धा देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में कामयाब हो जायेंगे।ऑलम्पिक खेल दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा खेल मेला है। इस खेल मेले में ऐसा जादू है कि जो भी देशऑलम्पिक खेल को अपना लक्ष्य बनाता है वह देश सर्जनकर्ता और उत्पादक युवाओ की फौज बना लेता है। और ऐसेयुवाओ की वजह से ही आत्मनिर्भर देश बनता है।मो. मुनाफ पठाण ने ऑलम्पिक खेलो की महत्वता को समझते हुए ही इस किताब कानाम आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद ऑलम्पिक खेल रखा है।