ये कविताएं किशोर अवस्था से लेकर अभी तक के परिपक्व उम्र तक जीवन के यथार्थ कल्पना सपनों और जीवन के कटु सत्य पर आधारित हैं। कहीं प्रेम की मनुहार है तो कहीं गांव के जीवन का चित्रण है। कहीं होली के रंगों की बात है तो कहीं दीवाली पर श्रीराम की स्तुति भी है। कहीं परिवार की महत्ता है तो कहीं अकेलेपन का दंश भी है। कहीं जीवन की खुशियों का उल्लेख है तो कहीं जीवन की मुश्किलें भी हैं। कुल मिलाकर एक इंसान अपने जीवन में जिस भी तरह की स्थितियों से गुजरता है उसका कविता के माध्यम से ये एक चित्रण है।