इस पुस्तक में दुनिया के महान लोगों के उद्गार उद्घोषणाएं कविता के माध्यम से दी गई हैं। इनमें मन की पीड़ा है पराधीनता के दंश की बू है और साथ ही क्रांति के विचारों की सुगंध भी है। महान चिंतकों स्वतंत्रता सेनानियों संतों और क्रांतिकारियों के आह्वान शब्द कविता के माध्यम से कहे गए हैं जो हर किसी के लिए प्रेरक और अनुकरणीय हैं।.