इस आपाधापी की ज़िंदगी में कुछ पल के लिए साहित्य का आनंद लीजिए। जीवन की इस कश्मकश में इस साहित्य रूपी बगिया में कुछ आनंद के पल संजोए यह रचना आपको सुकून देगी आपका मनोरंजन करेगी। कहानियों व कविताओं का एक ऐसा ताना-बाना आपको अन्यत्र किसी पुस्तक में नहीं मिलेगा। सभी रचनाएं मौलिकता और सृजनता की कसौटी पर खरी उतरेंगी। लेखक ने अपनी लेखनी का ऐसा वाहन सृजित किया है जो आपको एक नई ऊंचाई तक ले जाएगा आपका मनोरंजन करेगा। साहित्य के गिने-चुने अंश को माध्यम बनाकर देश-प्रेम ममत्व ईमानदारी हास्य-व्यंग्य का सफलतम चित्रण प्रस्तुत किया गया है। मेरी इस साहित्यिक सृजनता में मेरे पूज्य पिता जी व पूज्य माता जी के आशीर्वाद का गहरा प्रभाव है। इसके अतिरिक्त मेरी पत्नी श्वेता मिश्रा पुत्र चिरंजीव अभिनव मिश्रा व पुत्री अदिति मिश्रा का असीम सहयोग रहा है। मैं इस साहित्यिक सेवा में एक महान विचारक शुभचिंतक व आदर्श व्यक्तित्व के धनी श्री अनूप कुमार अग्रवाल जी व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भव्या अग्रवाल जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिनके कुशल मार्गदर्शन व असीम सहयोग से यह कार्य अंकुरित पुष्पित व पल्लवित हो सका है। कुछ मित्रों सहयोगियों व पारिवारिक बंधुओं का भी सहयोग मिला जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मैं इनका हृदय से आभार प्रकट करता हूं।