ACHYUTANAND MISHR : SAMAVESHI SHABD SADHAK


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About The Book

यह पुस्तक सुप्रसिद्ध पत्रकार लेखक और संपादक अच्युतानंद मिश्र के व्यक्तित्व कृतित्व और नेतृत्व पर केंद्रित है। यह पुस्तक बताती है कि मिश्र जी ने ‘नवभारत टाइम्स’ ‘जनसत्ता’ ‘अमर उजाला’ और ‘लोकमत समाचार’ जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में श्रेष्ठ संपादक के दायित्वबोध का निर्वहन कैसे किया माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति के रूप में अपने नवाचार व नवीन प्रयोगों से स्वाधीन भारत की हिंदी पत्रकारिता के इतिहास लेखन का संरक्षण कैसे किया और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के लंबे समय तक महामंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कौन कौन से उल्लेखनीय कार्य किए? इस पुस्तक के पहले खंड में मिश्र जी के रचनात्मक अवदान का मूल्यांकन है। उसमें उनकी मौलिक पुस्तकों -‘सरोकारों के दायरे’ ‘तीन श्रेष्ठ कवियों का हिंदी पत्रकारिता में अवदान’ ‘कुछ सपने कुछ संस्मरण’ और संपादित पुस्तकों- हिंदी के प्रमुख समाचारपत्र और पत्रिकाएं (चार खंड) तथा पत्रों में समय संस्कृति की समालोचनाएं हैं। दूसरा खंड मिश्र जी के बहुआयामी व्यक्तित्व पर केंद्रित है। तीसरा खंड जनसत्ता परिवार है जिसमें मिश्र जी के सहयोगी रहे पत्रकारों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को समेकित रूप में प्रस्तुत किया है। चौथे खंड में अच्युतानंद मिश्र की चयनित रचनाएं हैं। पांचवां खंड संवाद का है जिसमें अच्युतानंद मिश्र से कई विद्वानों की बातचीत को शामिल किया गया है। यह पुस्तक निःसंदेह पत्रकारों पत्रकारिता के छात्रों शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी। - हरिवंश (उप सभापति राज्यसभा)
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