अधरों का राग नामक काव्य संग्रह कवि अनुराग दीक्षित का तृतीय काव्य संग्रह है इनकी रचनाएँ अनुभूतिक प्रेम को सहज ही परिलक्षित करती हैं। इनमें कहीं प्रणय निवेदन की व्यग्रता का स्पंदन प्रतीत होता है तो कहीं श्रृंगार का दूसरा पक्ष व्यक्त करती रचनाएँ प्रेम के उतार चढाव एवं वास्तविकता के नजदीक ले जाने का प्रयास करती हैं साथ ही पाठकों को जोड़े रखने में सक्षम हैं इस रचना संग्रह की कवितायें किसी भी पाठक को एक धनात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण करने में समर्थ हैं आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि प्रस्तुत काव्य संग्रह पाठकों को अवश्य पसंद आएगा।