ये कहानियाँ जीवन में अनवरत साथ चलती संसार भर की अकथ पीड़ाओं का लेखा-जोखा हैं। इन में करुणा के बिंब भी हैं और मन-आत्मा के विभेदीकरण के बग़ैर अभिव्यक्ति का हू-ब-हू रचाव भी। इन कहानियों में महसूस कर पाने की पीड़ा से आत्म-मुक्ति तलाशती एक कवि गद्यकार कहानीकार है और सब से बढ़ कर-इसी संसार की एक स्त्री है। वह स्त्री जो रचती है महसूस करती है और महसूस किया हुआ दर्ज करती जाती है।