पाठकगण आपका तहे दिल से स्वागत। आज आपके हाथ में इश्क को लेकर कई कहानियों को संग्रह करते हुए मोहब्बत को खट्टी-मीठी अहसास कराती पुस्तक अधूरा इश्क अधूरी कहानी है। साथियों जब मैं इस पुस्तक को लिखने की शुरुआत किया तो मेरे दोस्त मुस्कान सिंह जो मेरी सहयोगी है। वे हमसे कई बार मजाकिया अंदाज में बोली की दीपक तुम ऐसा ही नाम क्यों सोचे हो. तुम्हे ये नाम अधूरा इश्क अधूरी कहानी बड़ा अजीब नहीं लगता। ऐसा लगता है जैसे कोई प्यार में पूरी तरह से टूट चुका है। मैं हंसते हुए कहता तुम भी ना... ।आशा है की हमारी इस छोटी कोशिश से आपको अपने बीतें दिनों की इश्क जो अब ठंडी हो चुकी है उसे तरो ताजा कर देगी। प्रेमिका के साथ गुजारे उस पल को उस अहसास को उस मस्तियों को उस नादानियों को उस गुस्ताखियों को ये पुस्तक अहसास कराएगी।