अधूरी शाम ( उपन्यास के सम्बन्ध में ) : - अधूरी शाम उपन्यास वर्ष 1947 में वेश के बँटवारे के बाद दुःख और दर्द को झेलती एक नारी के संघर्षो की कहानी के साथ उसके बेटे के मन में बसी एक मूक प्रेम की कहानी है । जीवन का इतिहास और उससे जुड़े सत्य और समाज में घटित घटनाओं का यह अनोखा चित्रण है । लेखक के सम्बन्ध में : - जन्म 20 फरवरी 1955 मुंगेर ( बिहार ) भारत शिक्षा - मुंगेर ( बिहार ) से स्कूली और कॉलेज की शिक्षा के बाद यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग वर्त्तमान में VSSUT बुर्ला सम्बलपुर ( उड़ीसा ) से वर्ष 1976 में सिविल इंजीरियरिंग में स्नातक । कार्य क्षेत्र एवं कर्मभूमि बिहार एवं झारखण्ड के इंजीनियरिंग सर्विसेज के जल संसाधन विभाग में पदस्थापन के पश्चात् फरवरी 2015 में सेवा निवृत्ति । अपनी सेवा निवृत्ति के पश्चात् पुनः बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर भागलपुर ( बिहार ) में निदेशक ( कार्य एवं संयत्र ) के रूप में सेवा और फिर वहाँ से सेवा निवृत्ति के पश्चात् अपने साहित्य लेखन की रूचि के स्वरूप को साकार करने में अपने जीवन की दूसरी पारी को समर्पित ।