इरास्मस पुरस्कार से सम्मानित अमिताभ घोष की नवीनतम कथेतर कृति अफीम और साम्राज्यवाद अफ़ीम व्यापार के ब्रिटेन भारत और चीन के साथ-साथ सदियों से पूरे विश्व पर पड़ने वाले परिवर्तनकारी प्रभावों पर नज़र डालती है। यह किताब यात्रा वृत्तांत संस्मरण और आर्थिक एवं सांस्कृतिक ऐतिहासिक विवरण का बेहतरीन मेल है| घोष पाते हैं कि दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों अमेरिका के अनेक सबसे शक्तिशाली परिवारों और प्रतिष्ठित संस्थानों के मूल में अफ़ीम है... यह समकालीन वैश्विकवाद और यहां तक कि उनके अपने परिवार के इतिहास से भी बहुत गहराई से जुड़ी हुई है। बाग़बानी पूंजीवाद के मिथकों और उपनिवेशवाद के सामाजिक और सांस्कृतिक परिणामों के बीच चतुराई से आगे बढ़ते हुए स्मोक एंड एशेज़ एक छोटे से पौधे की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है| उस पौधे ने इस दुनिया पर अपनी अमिट छाप छोड़कर इसे तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। ‘अफ़ीम ने दुनिया को किस तरह कलुषित किया है इसका एक तीखा दमदार और सदैव सुलभ विवरण।’ टाइम्स लिटरेरी सप्लीमेंट ‘समृद्ध और आकर्षक… कई परतों वाली इस कहानी में यात्रा वृत्तांत संस्मरण ऐतिहासिक ग्रंथ सभी का मिश्रण है।’ टेलीग्राफ़ ‘[एक] प्रेरक और रहस्योद्घाटन करने वाला इतिहास… एक कुशल कहानीकार के रूप में [घोष ने] ब्रिटिश साम्राज्य के अफ़ीम के धंधे की शर्मनाक कहानी को सबके सामने लाने में सफलता प्राप्त की है।’ फ़ाइनेंशियल टाइम्स