अफ्रीका महाद्वीप जहाँ मानवजाति का उद्भव हुआ इसी महाद्वीप की मूल सन्तानों को साम्राज्यवादी शक्तियों ने रेनेसाँ के बाद वस्तुओं और जानवरों की भाँति खरीदा-बेचा उन्हें गुलाम बनाकर नारकीय जीवन जीने को विवश किया।यह पुस्तक उन साहित्यकारों और राजनेताओं तथा महामानवों के लेखन और सेवा पर प्रकाश डालती है जिन्होंने अश्वेतवर्णी लोगों पर किये गये अत्याचारों एवं अन्यायों को उजागर कर मानवीय संवेदना को जगाकर एक न्यायपूर्ण और समतापरक समाज के निर्माण का आह्वान किया।