अहंकार चाहे धन-संपदा का हो पद-प्रतिष्ठा का हो ज्ञान-विद्वता का हो वर्ण जाति या कुल का हो या फिर अपने धर्म का पतन का कारण बनता ही है। प्रस्तुत पुस्तक 'अहंकार पतन का अंधकूप - कैसे बचें?' में अहंकार क्यों है? लगातार इसमें बढ़ोतरी क्यों होती जा रही है इस पर गहराई से चिंतन मनन और अध्ययन किया गया है साथ ही अहंकाररूपी इस ज्वलंत समस्या का समाधान कैसे हो सकता है इस हेतु जाँचे-परखे और व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं जिन्हें अमल में लाकर व्यक्ति सहज रूप से अहंकार के अंधकूप से बच कर सुखी सफल एवं सम्मानजनक जीवन जी सकता है।