प्रश्न यह भी उठाए जा सकते हैं कि किसी अन्य देश के राजनैतिक मामलों में दखल देकर किसी अन्य देश को क्या हासिल हो सकेगा ? इसका एक ही आशय है कि उस देश के संसाधन और अर्थ व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके | कोई देश अगर अपने संसाधनों और तकनीकों के बल पर अगर सफलता की बुलंदी छूने लगे तो फिर जंगी सनक रखने वाले हथियार उत्पादक देशों को ही बुरा लगने लगेगा और उसपर अंकुश पाने के लिए उसे प्रयास करते हुए देखा जा सकेगा | विकसित और विकास-मुखी हर देश पर यही समीकरण प्रस्थापित किया जा सकेगा |अहिंसा व्रत का पालन करने की हमारी कोई पात्रता है कि नहीं; अगर है भी तो उसके स्वरुप का उदघाटन करते हुए हम हमारी एक ठोस भूमिका बना पाते होंगे या नहीं; इन सभी पहलुओं पर प्रकाश डालने के निमित्त से इस प्रकाशन की जय यात्रा शुरू की गई।