Ajahun Chet Ganwar (अजहुँ चेत गंवार) & Dharm Aur Rajneeti (H) Hindi(PB)
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धर्म और राजनीती :उनके शब्द निपट जादू हैं'' अमृता प्रीतम श्भारत ने अब तक जितने विचारक पैदा किये हैं वे उनमें सबसे मौलिक सबसे उर्वर सबसे स्पष्ट और सर्वाधिक सृजनशील विचारक थे। उनके जैसा कोई व्यक्ति हम सदियों तक न देख पाएंगे। ओशो के जाने से भारत ने अपने महानतम सपूतों में से एक खो दिया है। विश्वभर में जो भी खुले दिमाग वाले लोग हैं वे भारत की इस हानि के भागीदार होंगे। -खुशवंत सिंह सुविख्यात पत्रकार एवं लेखक|।अजहुँ चेत गंवार :प्रेम के अतिरिक्त कोई श्रवण नहीं है। तो यारी पहले बननी चाहिए। प्रेम पहले बनना चाहिए तब शन प्रेम के पीछे आता है ज्ञान और जिसने सोचा कि शान के पीछे प्रेम आएगा वह भूल में पड़ा उसने बैल पीछे बांध दिए गाड़ी के यह गाड़ी अब कहीं जाएगी नहीं प्रेम पहले आता है। भाव पहले आता है। हृदय पहले आता है--ब सिर जिसने सोचा कि पहले सिर फिर हृदय को से आएंगे वह कभी भी नहीं ला पाएगा। क्योंकि सिर तो हृदय के खिलाफ है और हृदय को कभी उगने न देगा। सिर तो संदेह है और हृदय है आस्था श्रद्धा तो सिर तो हजार उपाय करेगा संदेह खड़े करने के सिर में तो संदेह ही लगता है। सिर से कभी श्रद्धा नहीं होती। श्रद्धा हृदय से होती है। सरलचितता चाहिए। निता चाहिए। अकड़ का अभाव चाहिए। प्रेम में पड़ने की हिम्मत चाहिए।पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु* ध्यान कुंजी है धन की असली धन की* हम सबका एकमात्र गंवारपन क्या है?* चौरासी कोटि योनियों का क्या अभिप्राय है? एकांत और अकेलेपन में क्या फर्क है?* क्या साहस और साहस में भी फर्क है? प्रेम के मार्ग पर सबसे बड़ी बाधा है? जीवन का एकमात्र अभिशाप आकार
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