पाठकगण आपका तहे दिल से स्वागत। आज आपके हाथ में मेरे द्वारा लिखी गई दूसरी पुस्तक अजनबी लड़की अजनबी शहर है। साथियों आप किसी भी शहर में चले जाइए हर जगह इश्क करने वाले आशिक मिल जाएंगे। कोई प्यार में टूटा है तो किसी का इश्क परवान चढ़ रहा होता है। इश्क की कहानी अक्सर कॉलेज लाइफ में शुरू होती है। अजनबी लड़की अजनबी शहर भी ऐसी ही एक कहानी है। अनजान शहर में एक लड़की से मुलाकात होना मुलाकात इश्क में बदल जाना और हमेशा के लिए गुमनाम हो जाना। दिल को बहुत दर्द दे जाती है। आप सबों ने अधूरा इश्क अधूरी कहानी को ढेर सारा प्यार दिया उसके लिए दिल से शुक्रिया। मुझे उम्मीद है अजनबी लड़की अजनबी शहर को भी प्यार देंगे। ये पुस्तक आपके स्कूल और कॉलेज लाइफ के इश्क को याद दिलाएगी। अहसास करवाएगी।