रवि ऋषि की यथार्थ जीवन से जुड़ी और अपने परिवेश में अनुभूत की गई स्थितियों-परिस्थितियों पर आधारित कहानियों का संग्रह है अख़बार में फ़ोटो । इनमें गाँव की मिट्टी की सौंधी महक भी समाहित है तो महानगर में जद्दोज़हद करते लोगों की ज़िन्दगी के खट्टे-मीठे अनुभव भी मिलते हैं और एकतरफ़ा प्यार की रोमांचक दास्तान भी है। सहज सरल और प्रवाहपूर्ण भाषा में लिखी ये कहानियाँ पाठक का भरपूर मनोरंजन करती हैं।रवि ऋषि लम्बे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने बहुचर्चित ग़ज़ल-संग्रह शहर में वनवास के अतिरिक्त ‘पंजाब केसरी‘ ‘नवभारत टाइम्स‘‘ इंदौर समाचार‘ आदि दैनिक समाचार पत्रों और विदेशों से प्रकाशित पत्रिकाओं में इनकी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं।