बुकसेट में शामिल अमृता प्रीतम की तीन बेहद चर्चित रचनाएँ केवल साहित्यिक धरोहर नहीं बल्कि भारतीय समाज नारी चेतना और विभाजन के दर्द का दस्तावेज़ हैं।बॉक्ससेट में शामिल पिंजर भारत-पाक विभाजन की त्रासदी पर आधारित यह उपन्यास स्त्री की अस्मिता पीड़ा और संघर्ष की मार्मिक कथा है। अमृता प्रीतम ने नायिका 'पूरो' के माध्यम से सामाजिक बेड़ियों धार्मिक हिंसा और नारी मन की गहराई को अत्यंत सशक्त ढंग से अभिव्यक्त किया है।संग्रह की दूसरी पुस्तक ख़तों का सफ़रनामा अमृता प्रीतम के जीवन के निजी पत्रों संवादों और अनुभूतियों का दस्तावेज़ है। इसमें उनका आत्मीय संवेदनशील और विचारशील पक्ष प्रकट होता है जिससे पाठक उनके अंतर्मन को नज़दीक से जान पाता है।रसीदी टिकट अमृता की आत्मकथा है जिसमें उनका व्यक्तिगत जीवन प्रेम लेखन और संघर्षों की स्पष्ट तथा निर्भीक अभिव्यक्ति है। इसमें उनका साहसी स्त्रीत्व समाज से टकराने का आत्मबल और साहसिक दृष्टिकोण भी झलकता है।अमृता की ये तीनों रचनाएँ आज भी पाठकों के दिल को छूती हैं।