शुक्ला जी का लेखन औपचारिक रूप से शुरू हुआ 1976 में आकाशवाणी अंबिकापुर की स्थापना के बाद। आकशवाणी के लिए वे नियमित रूप से कविताएँ-कहानियाँ लिखने लगीं। तभी से उनकी रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने लगीं। शुरू में देशबंधु नवभारत दैनिक भास्कर आदि के रविवारीय अंकों में छपती रहीं बाद में उनकी कविताएँ एवं कहानियाँ वागर्थ साक्षात्कार पाठ काव्यम् परस्पर अक्षरपर्व सर्वनाम व दोआबा जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं। ‘छत्तीसगढ़ के कवि’ काव्य संकलन में उनकी कविताएँ शामिल की गईं तथा ‘कथा मध्यप्रदेश’ में कहानी। दुःख की बात है कि उनके रहते उनका कोई काव्यसंग्रह तथा कहानी संग्रह नहीं निकल सका। गत सात-आठ वर्षं से वह फेसबुक पर बहुत सक्रिय थीं और प्रबुद्ध पाठक मित्रें ने उनकी रचनाओं को खूब सराहा।